में फिर लौट के आऊंगा



कुछ अंधेरे बादलो ने जकड़ लिया,

निराशा ने यु पकड लिया,

फिर भी हार न मानूँगा,

में फिर लौट के आऊंगा......


बदल गये लोग अचानक से,

हो गई हालात भयानक सी,

फिर भी होश न खोउंगा,

में फिर लौट के आऊंगा.....


अब भी कुछ सिखना बाकी हे,

राजनिति की ये रीत पुरानी हे,

भरोसा न कर पाउंगा पर,

में फिर लौट के आऊंगा....


अपने जस्बातो से जूज रहा,

कुछ अपनो की बातो से टुट रहा,

अपना अपमान न सह पाउंगा पर,

में फिर लौट के आऊंगा.....


कुछ काम में हू अटक गया,

फिर हालातों में भटक गया,

अपनी इच्छाशक्ति को जगाउंगा,

में फिर लौट के आऊंगा.....


बदल गये लोग अचानक से,

फिर भी होश न खोउंगा,

में फिर लौट के आऊंगा.......

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