Posts

Showing posts from November, 2019

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) - १

Image
आज जीवन में आये एक अनुभव व् उस पे मेरी प्रतिक्रिया का एक वाकिया आप के सामने रखने जा रहा हु.. कुछ साल पहले मिड डे  जैसे बड़े वर्तमान पत्र में संघ के बारे में कुछ विषय रखा गया था जो वास्तविकता से बहोत ही अलग था. उसी बारे में मेरे कुछ विचार रखने की कोशिश एक वृत्तपत्र के माध्यम से की थी जिसके कुछ अंश अलग भागो में रखने का प्रयत्न कर रहा हु.  मिड डे से अगर शुरू करे तो प्रथम वाक्य ही कुछ अर्थ विघटन किया हुआ लगा, लिखा हे की..... राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ की स्थापना १९२५ में गांधीजी एवं कांग्रेस की कल्पना के भारत का विरोध करने की गई थी...  पर जहां तक मैंने संघ की शाखा में सूना हे या किताबो में पढ़ा हे उसमे संघ की स्थापना भारत की आर्य संस्कृति एवं भारतीय प्राचीन जीवनशैली के विचारो की रक्षा करने के लिए की गई थी. जब की संघ के प्रथम पूजनीय सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी स्वयं कांग्रेस के कमिटी के सदस्य रहे थे. परन्तु भारत को इंडिया बनते देख राष्ट्र की प्राचीन संस्कृति की रक्षा हेतु दूरंदेशी विचार कर, एक बिनराजनैतिक संगठन की आवश्यकता को देख, उस वक़्त के सबसे ब...

मेरी किताब में.....

Image
मेरी किताब में अब भी वो कहानी हे, मेरे देश में वो वीरता फिर जगानी  हे ....... वीर शिवाजी की वो हिन्दवी स्वराज की दहाड़ हे, वही अफ़ज़ल के करहाने की चीत्कार हे... मेरी किताब में.... कुछ शौर्य गाथाएं महाराणा की लड़ाई की हे, पर बाधाएं जयचंदो से गद्दार की हे.... मेरी किताब में.... सौम्यता की मूरत प्रभु महावीर हे, तो शौर्य के प्रतिक श्री कृष्ण हे, मेरी किताब में.... जहा लड़ी थी मर्दानी वो झांसी वाली रानी हे, वही हसते हुए फांसी चढ़ते भगत सिंह की कहानी हे, मेरी किताब में.... वही कहानी फिर सूना ने लाया हु, इस किताब के ज़रिये यह देश जगाने आया हु... बहुत थी देशप्रेम की ज्वाला जो अब फिर से जगानी हे, वही मेरे भारत की शान , विश्व वल्लभ में लहरानी हे... मेरी किताब में अब भी वो कहानी हे...