चरैवेति चरैवेति, बस यही हमारा नारा हे...
चरैवेति चरैवेति, अब यही हमारा नारा हे, रख सोच पक्की और चलता चल, देख वो कल हमारा हे.... तू ही नेता, तू ही विजेता, हर युवा में शक्ति जगाता हे, चलता चल, चलता चल, ये विश्व का कल हमारा हे.... आए आंधी, आए विपदा, भले टकराए तूफान से, कोई हमारा क्या बिगाड़े, जब हो इरादे चट्टान से... तू ही मित्र, तू ही चित्र, संघर्ष हमारा चरित्र हे, पूछ रहा ये देश मेरा, क्या इस मिट्टी में अब भी वो जान हे.....