में फिर लौट के आऊंगा
कुछ अंधेरे बादलो ने जकड़ लिया,
निराशा ने यु पकड लिया,
फिर भी हार न मानूँगा,
में फिर लौट के आऊंगा......
बदल गये लोग अचानक से,
हो गई हालात भयानक सी,
फिर भी होश न खोउंगा,
में फिर लौट के आऊंगा.....
अब भी कुछ सिखना बाकी हे,
राजनिति की ये रीत पुरानी हे,
भरोसा न कर पाउंगा पर,
में फिर लौट के आऊंगा....
अपने जस्बातो से जूज रहा,
कुछ अपनो की बातो से टुट रहा,
अपना अपमान न सह पाउंगा पर,
में फिर लौट के आऊंगा.....
कुछ काम में हू अटक गया,
फिर हालातों में भटक गया,
अपनी इच्छाशक्ति को जगाउंगा,
में फिर लौट के आऊंगा.....
बदल गये लोग अचानक से,
फिर भी होश न खोउंगा,
में फिर लौट के आऊंगा.......

Badiya Jay bhai
ReplyDeleteThnks Akshay
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ReplyDeleteSuper
ReplyDeleteSelf experience
Thank you mom
DeleteSuperb jay keep it up
ReplyDeleteThank you so much..
DeleteExcellent keep it up
ReplyDeleteThank you..
DeleteSure.
Bahot badhiya. Keep it up ��
ReplyDeleteधन्यवाद राजीव जी
DeleteToo good brother 👍
ReplyDeleteThnks bro..
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