ये देश मेरा चट्टान सा...

लड़ता रहा, अपनी आन को,
झेलता रहा, तूफान को,
न मिटा कभी, न झुका कभी,
ये देश मेरा चट्टान सा....

आए कई मुगल यहाँ,
बिलबिलाए अंग्रेज जहां,
लड़ता रहा इंसान सा,
ये देश मेरा चट्टान सा....

हिंदू बने, मुसलमान बने,
बने ईसाई सिक्ख जहा,
जब आई मुसीबत आन पर,
फिर खड़ा ये देश मेरा चट्टान सा....

आए कई ललकारने,
मेरी मां की हिम्मत मारने,
न हिला सके, न मिटा सके,
ये देश मेरा चट्टान सा...

कुछ बात हे इसकी आन में,
न हुई कमी कुछ शान में,
मेरी भारत मां के सम्मान सा,
ये देश मेरा चट्टान सा...

।। भारत माता की जय।।

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