मेरी किताब में.....


मेरी किताब में अब भी वो कहानी हे,
मेरे देश में वो वीरता फिर जगानी  हे .......

वीर शिवाजी की वो हिन्दवी स्वराज की दहाड़ हे,
वही अफ़ज़ल के करहाने की चीत्कार हे...
मेरी किताब में....

कुछ शौर्य गाथाएं महाराणा की लड़ाई की हे,
पर बाधाएं जयचंदो से गद्दार की हे....
मेरी किताब में....

सौम्यता की मूरत प्रभु महावीर हे,
तो शौर्य के प्रतिक श्री कृष्ण हे,
मेरी किताब में....

जहा लड़ी थी मर्दानी वो झांसी वाली रानी हे,
वही हसते हुए फांसी चढ़ते भगत सिंह की कहानी हे,
मेरी किताब में....

वही कहानी फिर सूना ने लाया हु,
इस किताब के ज़रिये यह देश जगाने आया हु...

बहुत थी देशप्रेम की ज्वाला जो अब फिर से जगानी हे,
वही मेरे भारत की शान , विश्व वल्लभ में लहरानी हे...

मेरी किताब में अब भी वो कहानी हे...

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