रोशनी की एक किरण


छाई अंधेरी रात है,
आज मौसम में कुछ अजीब बात है....

हो रही कुछ तो अनबन है,
दिल में मची उलझन है...

बहुत समय से एक डर सा लगा था,
रिश्तों का दामन भर सा गया था...

कहीं दूर कुछ किरणों की आहट है,
फिर नई रोशनी की चाहत है..

यूं तो हर जगह अंधेरी रात है,
पर किरणों की अपनी ही अलग बात है।।

हर अंधेरा बीत जाएगा,
रोशनी से भरा नया सवेरा लाएगा...

कुछ अलग उसकी पहचान होगी,
फिर उस सवेरे ओर दिन की अपनी ही शान होगी।।

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