Posts

वसुधैव कुटुंबकम् ...

Image
Hello Friends Sorry to be away from this blog long time,  But this time i am here with some Family sentiment which is our Sanskruti our tradition in Bharat...i.e. वसुधैव कुटुंबकम्... More of my young friends yet dont know that from the oldest time of ancestors our Nation is following the tradition of Vasudaiv Kutumbakam...  What is Vasudaiv Kutumbakam? So to start with Vasudaiv Kutumbakam in one line clarifies as the whole world and its each and evey creation is our family...we tend to treat all of them equally and wants to live together... As we are attached to all in our home, same way we are attached to everyone living with us... The basic aim of creating this emotion was to create a Unity and brotherhood among all the human beings which will conclude at a peace and love in whole universe... As per our history it is seen that all our saints and Legends have travelled to diffrent parts of the world with single message of 'Love, Peace & Brotherhood.' Our ances...

ड्रग्स और भविष्य

Image
आज कुछ दिनों बाद फिर कुछ लिखने की इच्छा हुई तो फिर से आप सब के समक्ष कुछ विचार प्रस्तुत करना चाहता हु, जो की आज कल युवाओ में एक दूषण बन चूका हे और पूर्ण सत्य जानने के बाद भी युवा उसका सेवन करते हे। ...  में बात कर रहा हु समाज के सबसे बड़े विरोधी और स्वस्थ हानिकारक पदार्थ ड्रग के बारे में  वर्तमान में जाने माने अभिनेता शाहरुख़ खान के पुत्र आर्यन खान की ड्रग्स के मामले में गिरफ्तारी होने के बाद फिर से यह विषय सुर्खियों में हे, परन्तु हम सब जानते हे की यह कोई आज कल की समस्या न होते हुए वर्षों से चली आ रही गंभीर समस्या हे... यह कोई नयी बात नहीं हे की युवा इन हानिकारक पदार्थो का सेवन करते हे, और पिछले कुछ वर्षो में इसका प्रमाण जानकारी के उपरान्त भी बढ़ता गया हे और आज यह समाज के स्थानिक इलाको में आसानी से प्राप्त हो रहा हे. इस विषय में बहोत बार चर्चाए हुई, कुछ दिन इसके विरोध में अभियान चले पर फिर वापस इस विषय पे पर्दा दाल दिया जाता हे और कोई बड़ी हस्ती के पास पाए जाने पे यह विषय वापस चर्चा में आ जाता हे, पर ऐसा क्यों की जब कोई हस्ती के पास हो तभी उस की चर्चा हो? , क्या समाज के सामा...

महाराष्ट्र की वर्तमान राजनैतीक परिस्थिती

Image
नमस्ते, काफि समय बाद आज वापस लिखने के लिये आप सभी से क्षमा चाह्ता हुं, हालाकी मेरी राजकारण में सक्रिय भुमिका होने की वजह से कुछ वर्तमान परिस्थिती और उसकी मुझे दिखी प्रतिक्रिया यहा लीख रहा हुं. हर बार की तरह एक अनुभव से शुरु करूँगा, गत दिनो में महाराष्ट्र में चल रहे अती भीषण सरकार विरुद्ध पोलिस के युद्ध के बारे में कुछ चर्चा एक चाय की टपरी पे शुरु की ताकी जनता की कुछ प्रतिक्रिया जान सकु, चर्चा करते हुए सभी मे एक बात सामान्य दिखी की ये महाराष्ट्र मे हो क्या रहा हे?, अगर गृहमंत्री एक शहर में एक महिने का 100 करोड मांग रहे हे तो बाकी महाराष्ट्र का कितना होगा? ये भ्रष्टाचार बंद होना चाहिये, यह परिस्थिती अती विकट हे अगर इसका कुछ किया नहि गया तो देश बरबाद हो जायेगा. अब क्युकी में स्वयं राजकारण में होणे की वजह से उत्तर अपेक्षीत था, तो इसी बात पे मेरे कुछ विचार और मंतव्य यहा रखना चहुंगा..... मेरा सब से पहेला सवाल सभी से यही रहेगा की जो परिस्थिती हम अभी महाराष्ट्र में देख रहे हें क्या ये हमारे लिये नयी हे?????????? हमने 10 लाख करोड के घोटाले देखे हे, हमने 2जी स्पेक्ट्रम कौभांड़ देखा हे...

में फिर लौट के आऊंगा

Image
कुछ अंधेरे बादलो ने जकड़ लिया, निराशा ने यु पकड लिया, फिर भी हार न मानूँगा, में फिर लौट के आऊंगा...... बदल गये लोग अचानक से, हो गई हालात भयानक सी, फिर भी होश न खोउंगा, में फिर लौट के आऊंगा..... अब भी कुछ सिखना बाकी हे, राजनिति की ये रीत पुरानी हे, भरोसा न कर पाउंगा पर, में फिर लौट के आऊंगा.... अपने जस्बातो से जूज रहा, कुछ अपनो की बातो से टुट रहा, अपना अपमान न सह पाउंगा पर, में फिर लौट के आऊंगा..... कुछ काम में हू अटक गया, फिर हालातों में भटक गया, अपनी इच्छाशक्ति को जगाउंगा, में फिर लौट के आऊंगा..... बदल गये लोग अचानक से, फिर भी होश न खोउंगा, में फिर लौट के आऊंगा.......

इस मिट्टी में कुछ तो अलग बात हे...

Image
हे मां तेरी मिट्टी में कुछ तो अलग बात हे, जो जगाती हर सिने मे देशभक्ति की आग हे... हुए कई न्योछावर तुझ मुक्ति को, जगाती जोश ये युवा शक्ती को, खुद जल के इस राष्ट्रभक्ती का, सजाया आंगन ये आज हे. क्रांतिकारी ओर कई वीरों को, इस मिट्टी ने जनम दिया, जिसने भी की कोशिश इसको तोडने की, उस दुश्मन का पतन किया. भाषा प्रांत धर्म का ये अद्भूत संगम हे, बनता जिस से सुरों का साझ हे, सर्व शक्ती से बना गीत राष्ट्र का, लहराता तिरंगा आज हे.... दृढ संकल्प ले सीने में, बढता युवा का साथ हे, फिर शिखर पे लाना हे तुझ मस्तक को, ये भारत की आस हे।। हे मां तेरी मिट्टी में कुछ तो अलग बात हे।।

क्युकी वो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी चला रहे हे।

Image
कल तक जो प्यार जता रहे थे आज वो नफरत बता रहे हे, क्युकी अब वो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी चला रहे हें।। होता था संपर्क, करते थे रोज़ बात, होती थी मुलाकात, दिन हो या रात, अब वो हम से कतरा रहे हे, क्युकी अब वो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी चला रहे हे... बना रहे थे संगठन, सब को साथ ले चल रहे थे, कोई कुछ कहे संगठन के साथ रह रहे थे, आज वो सिर्फ अपने उत्पादनो का साथ दे रहे हें, क्युकी अब वो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी चला रहे हे... जब तक थे उनके उत्पादनों के साथ, बेचते रहे उन्हे अपने हाथ, तब तक हर जगह प्यार जता रहे थे, अपने साथ बता रहे थे, जैसे ही छुटा उत्पादनों का साथ, हमें उपेक्षा जता रहें हें, क्युकी अब वो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी चला रहे हे... संगठन मे था मशहूर, जिस आंगन का नाम, वहा के फुल कम हुए जा रहे हें, अपने स्वार्थ को संगठन का नाम दिये जा रहे हें, क्युकी अब वो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी चला रहे हे... कुछ तो बदला हे नाम कल ओर आज में, स्वार्थ की वजह से नेंतृत्व का समाज में, फिर भी हम उसे चला रहे हें, अपना उन्हे बना रहे हें, क्युकी अब वो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी चला रहे हे...

देश मेरा अभी लड़ रहा, फिर नया यूं बन रहा

Image
देश मेरा अभी लड़ रहा, फिर नया यूं बन रहा।। आयी कुछ विपदा ऐसी, जो देश मेरा जला रही, पर चटटानो सी मजबुत इमारत, वो अभी न हिला सकी..... लग गई बन्दिशे, खो गया कारवां, हो गया कुछ ऐसा, थम गया ये देश मेरा..... पर हर जन मे हे विश्वास, कुछ करने की सब दिल मे हे आस, फिर वही किलकारी गूंजेगी, कर रहा हर इन्सान यही प्रयास... सब मिलेंगे साथ साथ, करेंगे एक नया ध्येय, लेके सबका साथ ओर विश्वास, लिखेंगे हम सुवर्ण अध्याय..... देश मेरा अभी लड़ रहा, फिर नया यूं बन रहा।।।